1 अक्टूबर 2025 तक, 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र के 86.51 लाख से ज़्यादा बुज़ुर्गों को आयुष्मान वय वंदना कार्ड मिल चुका था — यह PIB के एक बैकग्राउंडर में दर्ज है। यह कार्ड 29 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ था। लगभग दो साल बाद भी रिसेप्शन पर इसे ग़लत समझाना आसान है — कुछ इसलिए कि यह आम आयुष्मान कार्ड जैसा दिखता है, और कुछ इसलिए कि इसके साथ ऐसे नियम आए जो आम कार्ड में कभी नहीं थे।
उलझन रजिस्ट्रेशन पर सामने आती है। किसी 74 साल के बुज़ुर्ग का बेटा पूछता है कि पिताजी की पेंशन वाली स्कीम की वजह से वे इससे बाहर तो नहीं हो जाएंगे। जिस परिवार के पास आम आयुष्मान कार्ड है, वह मान लेता है कि दादाजी उसी पर कवर हैं। कोई सोचता है कि कार्ड है तो OPD फ़्री होगी। इन सबका साफ़ जवाब है, और यह जवाब भर्ती से पहले मिलना चाहिए, बिलिंग काउंटर पर नहीं।
छोटा जवाब: आयुष्मान वय वंदना कार्ड से 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र के हर भारतीय को PM-JAY के तहत साल में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है, आमदनी चाहे जो हो। जो परिवार पहले से PM-JAY में हैं, उनके बुज़ुर्गों को अलग से 5 लाख रुपये मिलते हैं। यह भर्ती वाले इलाज के लिए है, रोज़ की OPD के लिए नहीं, और सिर्फ़ एम्पैनल्ड हॉस्पिटलों में। कार्ड हॉस्पिटल पर, आयुष्मान ऐप से या ऑनलाइन बनवाया जा सकता है।
आयुष्मान वय वंदना कार्ड क्या है?
आयुष्मान वय वंदना कार्ड वह कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों को मिलता है। PM-JAY सरकार की वह योजना है जिसमें हॉस्पिटल में कैशलेस इलाज मिलता है। केंद्रीय कैबिनेट ने इसे 11 सितंबर 2024 को मंज़ूरी दी, और उस दिन की PIB रिलीज़ के मुताबिक पात्र बुज़ुर्गों को एक नया, अलग कार्ड मिलेगा। यह 29 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ।
यह ABHA नहीं है। ABHA एक फ़्री हेल्थ ID है जो इंसान के रिकॉर्ड जोड़ती है, और इससे कोई इलाज का पैसा नहीं मिलता — इस पर हमने अलग से लिखा है कि ABHA कार्ड और आयुष्मान कार्ड एक चीज़ क्यों नहीं हैं। वय वंदना कार्ड बिल्कुल उल्टी चीज़ है: यह इस बारे में है कि हॉस्पिटल का ख़र्च कौन देगा।
वय वंदना कार्ड किसे मिल सकता है?
11 सितंबर 2024 की PIB रिलीज़ के मुताबिक, 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र का हर भारतीय इसका हक़दार है, आमदनी या आर्थिक हालत चाहे जो हो। यही सबसे बड़ा बदलाव था: आम PM-JAY कार्ड उन परिवारों के लिए है जो योजना की शर्तें पूरी करते हैं, जबकि वय वंदना कार्ड सिर्फ़ उम्र देखकर मिलता है।
उसी रिलीज़ में तीन ऐसी स्थितियां बताई गई हैं जो रिसेप्शन पर अक्सर आती हैं:
- जो परिवार पहले से PM-JAY में हैं: उनके 70+ बुज़ुर्ग को साल में 5 लाख रुपये तक का अलग टॉप-अप मिलता है, सिर्फ़ उनके लिए, जो परिवार के बाकी लोगों के साथ नहीं बंटता।
- CGHS, ECHS या आयुष्मान CAPF वाले बुज़ुर्ग: वे अपनी पुरानी स्कीम रख सकते हैं या PM-JAY चुन सकते हैं — दोनों में से एक।
- प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस या ESI वाले बुज़ुर्ग: वे भी PM-JAY के हक़दार हैं।
इसी रिलीज़ के मुताबिक, बाकी सभी 70+ बुज़ुर्गों को परिवार के आधार पर साल में 5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है।
वय वंदना कार्ड में क्या-क्या कवर होता है?
वय वंदना कार्ड हॉस्पिटल में भर्ती वाले इलाज के लिए है, रोज़ की OPD के लिए नहीं। नवंबर 2025 के PIB बैकग्राउंडर के मुताबिक PM-JAY एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सेकेंडरी और टर्शियरी इलाज और भर्ती का कैशलेस कवर देता है। दिसंबर 2024 की PIB रिलीज़ बताती है कि यह कार्ड लगभग 2,000 तरह के इलाज कवर करता है, और पहले से चली आ रही बीमारियां पहले ही दिन से कवर होती हैं, कोई इंतज़ार नहीं।
यह आख़िरी बात इस उम्र के लिए सबसे ज़्यादा मायने रखती है। 70 की उम्र में लगभग हर किसी को कुछ न कुछ होता है — शुगर, दिल की बीमारी, या बरसों से परेशान करता कूल्हा। जो योजना पुरानी बीमारी को पहले दिन से कवर करे, वह इंतज़ार की शर्त वाली प्राइवेट पॉलिसी से बिल्कुल अलग है, और परिवारों को अक्सर यह फ़र्क़ तब तक पता नहीं होता जब तक कोई बताए नहीं।
वय वंदना कार्ड और आम आयुष्मान कार्ड में क्या फ़र्क़ है?
वय वंदना कार्ड और आम आयुष्मान कार्ड, दोनों PM-JAY के हैं, और दोनों से एम्पैनल्ड हॉस्पिटलों में कैशलेस इलाज होता है। फ़र्क़ इसमें है कि ये किसे मिलते हैं और पैसा कैसे बंटता है:
- किसे मिलता है: आम कार्ड उन परिवारों को, जो PM-JAY की शर्तें पूरी करते हैं; वय वंदना कार्ड 70 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को, आमदनी चाहे जो हो।
- कवर किसका है: आम कार्ड पर साल के 5 लाख रुपये पूरे परिवार में बंटते हैं; ऐसे परिवार के बुज़ुर्ग को अलग से 5 लाख रुपये मिलते हैं, जो सिर्फ़ उनके हैं।
- कौन सा कार्ड साथ रखें: बुज़ुर्ग का अपना वय वंदना कार्ड, परिवार का आम कार्ड नहीं — क्योंकि उनका अलग कवर उसी से दिखता है।
सीधी बात यह है कि जिस परिवार के पास पहले से आयुष्मान कार्ड है, उसे भी दादा-दादी का अपना वय वंदना कार्ड बनवाना चाहिए, क्योंकि यह टॉप-अप उनका अपना है और परिवार के बाकी लोगों के हिस्से में से नहीं कटता।
अगर बुज़ुर्ग के पास पहले से प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस है तो?
सितंबर 2024 की PIB रिलीज़ के मुताबिक, प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस या ESI वाले बुज़ुर्ग भी PM-JAY के हक़दार हैं। प्राइवेट पॉलिसी होने से कोई बाहर नहीं होता। किसी ख़ास भर्ती में दोनों का इस्तेमाल साथ कैसे होगा, यह हॉस्पिटल के इंश्योरेंस डेस्क और बीमा कंपनी से पूछने वाली बात है, और यह भर्ती से पहले पूछना चाहिए, बाद में नहीं।
बुज़ुर्ग वय वंदना कार्ड कैसे बनवाएं?
दिसंबर 2024 की PIB रिलीज़ के मुताबिक, कार्ड तीन तरह से बनवाया जा सकता है:
- नज़दीकी एम्पैनल्ड हॉस्पिटल पर, जहां रजिस्ट्रेशन हो सकता है।
- आयुष्मान ऐप से, जो Google Play Store पर है।
- ऑनलाइन, beneficiary.nha.gov.in पर।
मदद के लिए उसी रिलीज़ में टोल-फ़्री नंबर 14555 और मिस्ड कॉल नंबर 1800110770 दिया गया है। कोई भी तरीका चुनें, शुरू करने से पहले बुज़ुर्ग का आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर पास रख लेना काम आता है।
क्या वय वंदना कार्ड प्राइवेट हॉस्पिटल में चलता है?
हां, अगर वह प्राइवेट हॉस्पिटल PM-JAY में एम्पैनल्ड है। नवंबर 2025 के PIB बैकग्राउंडर के मुताबिक 33,000 से ज़्यादा हॉस्पिटल एम्पैनल्ड हैं, जिनमें 15,380 प्राइवेट हैं। जो प्राइवेट हॉस्पिटल एम्पैनल्ड नहीं है, वह PM-JAY के तहत इलाज नहीं कर सकता, कार्ड चाहे जितना सही हो — इसलिए किसी भी काउंटर पर पहला सवाल यही है कि यह हॉस्पिटल लिस्ट में है या नहीं।
वय वंदना कार्ड की हॉस्पिटल लिस्ट कहां देखें?
PM-JAY में एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटलों की सरकारी लिस्ट hospitals.pmjay.gov.in पर है। इसे भर्ती से पहले देख लीजिए, काउंटर पर पहुंचकर नहीं। जो हॉस्पिटल इस लिस्ट में नहीं है, वहां यह कार्ड नहीं चलेगा।
हॉस्पिटल का रिसेप्शन बुज़ुर्ग मरीज़ों को क्या बताए?
काउंटर की ज़्यादातर उलझन पांच बातें जांचने से दूर हो जाती है — रजिस्ट्रेशन के वक़्त, डिस्चार्ज पर नहीं:
- पहले मरीज़ की उम्र पूछिए। 70 या उससे ज़्यादा है, तो परिवार की आमदनी चाहे जो हो, PM-JAY का कवर मिल सकता है।
- पूछिए कि उनके पास कौन सा कार्ड है। आम आयुष्मान कार्ड, वय वंदना कार्ड और ABHA कार्ड तीन अलग चीज़ें हैं।
- अगर परिवार पहले से PM-JAY में है, तो बताइए कि बुज़ुर्ग का कवर सिर्फ़ उनके लिए अलग टॉप-अप है, परिवार के साथ नहीं बंटता।
- अगर मरीज़ CGHS, ECHS या CAPF वाले हैं, तो बताइए कि वे एक ही स्कीम इस्तेमाल करेंगे, और उन्हें चुनने दीजिए।
- साफ़ बताइए कि कार्ड एम्पैनल्ड हॉस्पिटल में भर्ती वाले इलाज के लिए है — रोज़ की OPD के लिए नहीं।
अगर बुज़ुर्ग के पास अभी कार्ड नहीं है और हॉस्पिटल एम्पैनल्ड है, तो कई बार रजिस्ट्रेशन वहीं शुरू हो सकता है। यह पेशकश ज़रूर कीजिए। जो परिवार उलझन में आता है और कार्ड बनवाकर लौटता है, वह याद रखता है कि किस हॉस्पिटल ने मदद की।
उत्तर प्रदेश के हॉस्पिटलों के लिए यह क्यों ज़रूरी है?
उत्तर प्रदेश के PM-JAY हॉस्पिटलों के लिए रिसेप्शन पर पात्रता सही जांचना अब एक सख़्त व्यवस्था का हिस्सा है। स्कीम चलाने वाली राज्य की एजेंसी के हवाले से आई मई 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, एम्पैनल्ड हॉस्पिटलों के HEM 2.0 मानकों में HFR रजिस्ट्रेशन भी शामिल है, और UP के हॉस्पिटलों को ABDM और HEM 2.0 में क्या करना है, इस पर हमने अलग से लिखा है।
Zivyaa कहां काम आता है
इस लेख की ग़लतियां रजिस्ट्रेशन की ग़लतियां हैं: ग़लत कार्ड दर्ज होना, स्कीम के बारे में न पूछना, पात्रता का सवाल बिलिंग काउंटर तक टल जाना। Zivyaa इस तरह बनाया जा रहा है कि रिसेप्शन पहले ही मिनट से मरीज़ के इलाज का पैसा कौन देगा, यह साफ़ दर्ज करे, और वार्ड व बिलिंग काउंटर भी वही देखें।
PM-JAY और ABDM इंटीग्रेशन इस योजना का हिस्सा हैं — ये न लाइव हैं, न सर्टिफ़ाइड, और अभी कुछ भी लॉन्च नहीं हुआ है। अगर आपके हॉस्पिटल का वक़्त रिसेप्शन पर ही जाता है, तो प्राइसिंग देखिए या एक वॉकथ्रू बुक कीजिए।





