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शेड्यूल H1 क्या होता है: सभी 46 दवाओं की लिस्ट, लाल लेबल और रजिस्टर के नियम

Zivyaa Editorial Team11 October 20265 views
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शेड्यूल H1 दवा लिस्ट का कार्ड, जिसमें दवा के लेबल वाला लाल Rx और लाल बॉर्डर वाला चेतावनी बॉक्स है

शेड्यूल H1 की 46 दवाओं की पूरी लिस्ट, काउंटर पर H1 की स्ट्रिप कैसे पहचानें, और H1 रजिस्टर में कौन-सी पांच बातें लिखनी ज़रूरी हैं।

किसी भी मेडिकल स्टोर पर सेफ़िक्सिम (cefixime) की एक स्ट्रिप उठाइए और लेबल का बायां ऊपरी कोना देखिए। वहां लाल रंग में Rx छपा है। पैक पर कहीं एक लाल बॉर्डर वाला बॉक्स भी है, जो "Schedule H1 Drug – Warning" से शुरू होता है। यह लेबल एक नियम का दिखने वाला आधा हिस्सा है। दूसरा आधा हिस्सा एक रजिस्टर है, और नियम साफ़ बताता है कि उसमें एंट्री कब होनी है।

छोटा जवाब: शेड्यूल H1 46 दवाओं की एक लिस्ट है — नई एंटीबायोटिक, आदत डालने वाली कुछ दवाएं और टीबी की दवाएं — जिसे 30 अगस्त 2013 की अधिसूचना G.S.R. 588(E) से ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 में जोड़ा गया। ये सिर्फ़ प्रिस्क्रिप्शन पर बिकती हैं, इनके लेबल पर लाल Rx और लाल बॉर्डर वाली चेतावनी होती है, और हर बिक्री एक अलग रजिस्टर में लिखी जाती है — डॉक्टर का नाम और पता, मरीज़ का नाम, दवा और मात्रा — जिसे तीन साल तक रखना होता है।

शेड्यूल H1 क्या होता है?

शेड्यूल H1 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 का एक अलग शेड्यूल है। इसे ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स (फ़ोर्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2013 से बनाया गया, जिसकी अधिसूचना G.S.R. 588(E) 30 अगस्त 2013 को जारी हुई। अधिसूचना में ही लिखा है कि ये नियम छपने के छह महीने बाद लागू होंगे। फ़रवरी 2017 की CDSCO की एडवाइज़री के मुताबिक, शेड्यूल H1 कार्बापेनम, तीसरी और चौथी पीढ़ी की एंटीबायोटिक, आदत डालने वाली कुछ दवाओं और टीबी की दवाओं पर सख़्त नियंत्रण के लिए लाया गया — एंटीबायोटिक के बेअसर होने (एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस) को रोकने की कोशिश के तहत।

इसी अधिसूचना ने इनमें से कई दवाओं को शेड्यूल H से हटा भी दिया। यानी H1, शेड्यूल H के ऊपर रखा कोई अतिरिक्त दर्जा नहीं है। यह अपना अलग शेड्यूल है — अपने रजिस्टर और अपने लेबल के साथ — और H1 लिस्ट की दवा पर H1 के नियम लागू होते हैं।

शेड्यूल H1 की लिस्ट में कौन-कौन सी दवाएं हैं?

G.S.R. 588(E) में जारी शेड्यूल H1 की 46 दवाएं, अधिसूचना के अपने क्रम में (नाम अंग्रेज़ी में, जैसे पैक पर छपे होते हैं):

  1. Alprazolam
  2. Balofloxacin
  3. Buprenorphine
  4. Capreomycin
  5. Cefdinir
  6. Cefditoren
  7. Cefepime
  8. Cefetamet
  9. Cefixime
  10. Cefoperazone
  11. Cefotaxime
  12. Cefpirome
  13. Cefpodoxime
  14. Ceftazidime
  15. Ceftibuten
  16. Ceftizoxime
  17. Ceftriaxone
  18. Chlordiazepoxide
  19. Clofazimine
  20. Codeine
  21. Cycloserine
  22. Diazepam
  23. Diphenoxylate
  24. Doripenem
  25. Ertapenem
  26. Ethambutol Hydrochloride
  27. Ethionamide
  28. Faropenem
  29. Gemifloxacin
  30. Imipenem
  31. Isoniazid
  32. Levofloxacin
  33. Meropenem
  34. Midazolam
  35. Moxifloxacin
  36. Nitrazepam
  37. Pentazocine
  38. Prulifloxacin
  39. Pyrazinamide
  40. Rifabutin
  41. Rifampicin
  42. Sodium Para-aminosalicylate
  43. Sparfloxacin
  44. Thiacetazone
  45. Tramadol
  46. Zolpidem

लिस्ट के नीचे छपा नोट काउंटर पर बहुत काम का है। इन दवाओं और उनके सॉल्ट वाली दवाएं भी इसमें आती हैं, सिवाय उनके जो त्वचा पर या बाहरी इस्तेमाल के लिए हैं। लेकिन आंख, कान और नाक की दवाएं इस छूट में नहीं हैं — वे इसमें आती हैं। यानी मॉक्सीफ़्लॉक्सासिन की आई ड्रॉप रजिस्टर में जाएगी, जबकि सिर्फ़ त्वचा पर लगाने वाली दवा नहीं।

यह 2013 में जारी हुई लिस्ट है। बाद की अधिसूचनाओं से शेड्यूल बदल सकते हैं, इसलिए किसी भी छपी लिस्ट को — इस लिस्ट को भी — आख़िरी मानने से पहले CDSCO की वेबसाइट पर मौजूदा लिस्ट देख लीजिए।

पैक पर शेड्यूल H1 की दवा कैसे पहचानें?

लेबल से। इसी 2013 की अधिसूचना से बदले गए Rule 97 के मुताबिक, शेड्यूल H1 की दवा के लेबल के बाएं ऊपरी कोने में लाल रंग का Rx साफ़ दिखना चाहिए, और लाल बॉर्डर वाले बॉक्स में यह चेतावनी होनी चाहिए:

Schedule H1 Drug – Warning: It is dangerous to take this preparation except in accordance with the medical advice. Not to be sold by retail without the prescription of a Registered Medical Practitioner.

(मतलब: डॉक्टर की सलाह के बिना यह दवा लेना ख़तरनाक है। रजिस्टर्ड डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना फुटकर में न बेचें।) काउंटर पर सबसे जल्दी पहचान यही लाल बॉर्डर वाला बॉक्स है। जिस स्ट्रिप पर यह हो, उसके लिए प्रिस्क्रिप्शन और रजिस्टर में एंट्री दोनों ज़रूरी हैं।

शेड्यूल H1 रजिस्टर में क्या-क्या लिखना ज़रूरी है?

पांच बातें, बिक्री के वक़्त ही। 2013 में बदले गए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स के Rule 65(3) के मुताबिक, शेड्यूल H1 की दवा की बिक्री उसी वक़्त एक अलग रजिस्टर में लिखी जाएगी, जिसमें हो:

  • डॉक्टर का नाम
  • डॉक्टर का पता
  • मरीज़ का नाम
  • दवा का नाम
  • दी गई मात्रा

ये रिकॉर्ड तीन साल तक रखने हैं और जांच के लिए खुले रहने चाहिए। इस नियम में तीन बातें सबसे अहम हैं। अलग रजिस्टर का मतलब है — बिक्री वाली किताब नहीं। बिक्री के वक़्त का मतलब है — काउंटर पर, दुकान बंद करते समय नहीं। जांच के लिए खुला का मतलब है — ड्रग इंस्पेक्टर मांगे तो रजिस्टर दिखाया जा सके।

हमारे फ़्री शेड्यूल H1 रजिस्टर फ़ॉर्मेट में ये पांचों कॉलम चिह्नित हैं, साथ में तारीख़, बैच नंबर और फ़ार्मासिस्ट के हस्ताक्षर भी, हिंदी और अंग्रेज़ी हेडिंग के साथ — प्रिंट के लिए PDF या Excel फ़ाइल में।

शेड्यूल H और शेड्यूल H1 में क्या फ़र्क़ है?

दोनों सिर्फ़ प्रिस्क्रिप्शन पर बिकती हैं; शेड्यूल H1 में रजिस्टर और कड़ा लेबल जुड़ जाता है। 2013 की अधिसूचना तीन बातें साफ़ कहती है:

  • रजिस्टर: शेड्यूल H1 की हर बिक्री अपने अलग रजिस्टर में जाती है, ऊपर लिखी पांच बातों के साथ, और यह तीन साल रखा जाता है।
  • लेबल: शेड्यूल H1 की दवा पर बाएं ऊपरी कोने में लाल Rx और लाल बॉर्डर वाले बॉक्स में चेतावनी होती है।
  • लिस्ट: शेड्यूल H1 छोटी और तय लिस्ट है — 46 दवाएं — और जो दवाएं इसमें लाई गईं, उन्हें शेड्यूल H से हटा दिया गया।

यह बंटवारा क्यों हुआ, यही पूरे शेड्यूल की वजह है। बिना प्रिस्क्रिप्शन बिकने वाली एंटीबायोटिक, दवाओं के बेअसर होने का एक बड़ा रास्ता हैं, और जिस रजिस्टर में डॉक्टर का नाम हो, वह इस बात का रिकॉर्ड है कि हर बिक्री किसकी सलाह पर हुई।

क्या शेड्यूल H1 रजिस्टर कंप्यूटर पर रखा जा सकता है?

नियम काग़ज़ का नाम नहीं लेता। वह एक अलग रजिस्टर मांगता है, जिसमें ये बातें हों, जो तीन साल रखा जाए और जांच के लिए खुला हो। आपके राज्य का ड्रग इंस्पेक्टर डिजिटल रजिस्टर मानेगा या नहीं, यह किताब छोड़ने से पहले अपनी लाइसेंसिंग अथॉरिटी से पूछ लीजिए — और जवाब लिखित में मिले तो बेहतर।

मेडिकल स्टोर को इसी हफ़्ते क्या करना चाहिए?

  1. CDSCO की वेबसाइट से शेड्यूल H1 की मौजूदा लिस्ट प्रिंट करके काउंटर पर रखिए।
  2. अगर H1 की बिक्री अभी बिक्री वाली किताब में लिखी जा रही है, तो अलग H1 रजिस्टर शुरू कीजिए।
  3. एंट्री काउंटर पर ही कीजिए, प्रिस्क्रिप्शन से, डॉक्टर के नाम और पते के साथ।
  4. याद रखिए कि इन दवाओं की आंख, कान और नाक की ड्रॉप्स भी इसमें आती हैं।
  5. भरा हुआ हर रजिस्टर उसकी आख़िरी एंट्री से तीन साल तक संभालकर रखिए।

Zivyaa कहां काम आता है

इस नियम की सबसे कमज़ोर कड़ी बिक्री और रजिस्टर के बीच का फ़ासला है। Zivyaa का फ़ार्मेसी सॉफ़्टवेयर इस तरह बनाया जा रहा है कि जब शेड्यूल H1 की दवा का बिल बने, तो काउंटर पर ही डॉक्टर और मरीज़ का नाम पूछा जाए और रजिस्टर की एंट्री बिक्री के साथ ही बन जाए — बाद में किताब में उतारनी न पड़े।

अभी कुछ भी लॉन्च नहीं हुआ है, और डिजिटल रजिस्टर को आपका ड्रग इंस्पेक्टर मानेगा या नहीं, यह सवाल अब भी आपकी लाइसेंसिंग अथॉरिटी के लिए है। अगर आप मेडिकल स्टोर चलाते हैं और देखना चाहते हैं कि हम इसे कैसे बना रहे हैं, तो प्राइसिंग देखिए या वॉकथ्रू बुक कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शेड्यूल H1 में कितनी दवाएं हैं?+

46, जैसा 30 अगस्त 2013 की अधिसूचना G.S.R. 588(E) में जारी हुआ। बाद की अधिसूचनाओं से लिस्ट बदल सकती है, इसलिए CDSCO की वेबसाइट पर मौजूदा लिस्ट देखें।

क्या शेड्यूल H1 रजिस्टर ज़रूरी है?+

हां। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 का Rule 65(3) कहता है कि शेड्यूल H1 की हर बिक्री उसी वक़्त एक अलग रजिस्टर में लिखी जाए और रजिस्टर तीन साल रखा जाए।

क्या सेफ़िक्सिम शेड्यूल H1 की दवा है?+

हां। सेफ़िक्सिम (cefixime) शेड्यूल H1 की लिस्ट में है। एज़िथ्रोमाइसिन और एमोक्सिसिलिन 2013 की लिस्ट में नहीं हैं।

क्या आई ड्रॉप भी शेड्यूल H1 में आती हैं?+

हां, अगर उनमें लिस्ट वाली दवा है। त्वचा पर या बाहरी इस्तेमाल वाली दवाएं इससे बाहर हैं, लेकिन आंख, कान और नाक की दवाएं इसमें आती हैं।

दवा की स्ट्रिप पर लाल Rx का क्या मतलब है?+

शेड्यूल H1 की दवा पर लेबल के बाएं ऊपरी कोने में लाल Rx और लाल बॉर्डर वाले बॉक्स में चेतावनी छपनी ज़रूरी है। मतलब यह दवा सिर्फ़ प्रिस्क्रिप्शन पर बिकेगी और हर बिक्री H1 रजिस्टर में लिखी जाएगी।

स्रोत

  1. Drugs and Cosmetics (Fourth Amendment) Rules, 2013 — G.S.R. 588(E), Gazette of India, 30 August 2013
  2. CDSCO advisory: Rational use of antibiotics for limiting antimicrobial resistance, 1 February 2017
  3. Drugs and Cosmetics Rules, 1945 — Rule 65(3)

Research and drafting for this article were assisted by AI. Editorial responsibility, review and final approval rest with Zivyaa.

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