शेड्यूल H1 रजिस्टर कैसे बनाएं
मेडिकल स्टोर और हॉस्पिटल फ़ार्मेसी के लिए शेड्यूल H1 रजिस्टर का फ़्री फ़ॉर्मेट, हिंदी और अंग्रेज़ी हेडिंग के साथ। PDF प्रिंट करके रजिस्टर बना लीजिए, या CSV फ़ाइल Excel या Google Sheets में खोलिए।
छोटा जवाब: ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 के Rule 65(3) के मुताबिक, शेड्यूल H1 की हर दवा की बिक्री उसी वक़्त एक अलग रजिस्टर में लिखनी होती है — डॉक्टर का नाम और पता, मरीज़ का नाम, दवा का नाम और दी गई मात्रा। यह रजिस्टर तीन साल तक रखना होता है और जांच के लिए दिखाना होता है।
| S. No.क्रम सं. | Date of supplyबिक्री की तारीख़ | Name of the patient *मरीज़ का नाम | Name of the prescriber *डॉक्टर का नाम | Address of the prescriber *डॉक्टर का पता | Name of the drug *दवा का नाम | Batch no.बैच नं. | Quantity supplied *दी गई मात्रा | Pharmacist's signatureफ़ार्मासिस्ट के हस्ताक्षर |
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* वाले कॉलम Rule 65(3) में ज़रूरी हैं। रजिस्टर तीन साल तक रखें और जांच के लिए तैयार रखें।
शेड्यूल H1 रजिस्टर में क्या-क्या लिखना ज़रूरी है?
Rule 65(3) के मुताबिक पांच बातें: डॉक्टर का नाम, डॉक्टर का पता, मरीज़ का नाम, दवा का नाम और दी गई मात्रा। नियम यह भी कहता है कि एंट्री कब हो — बिक्री के वक़्त, दिन के आख़िर में नहीं — और रजिस्टर कितने दिन रखना है: तीन साल।
इस फ़ॉर्मेट में चार कॉलम और हैं जो नियम में नहीं मांगे गए: क्रम संख्या, तारीख़, बैच नंबर और फ़ार्मासिस्ट के हस्ताक्षर। ये इसलिए हैं कि ड्रग इंस्पेक्टर रजिस्टर देखे, या किसी बैच की वापसी हो, तो ये काम आते हैं। इन्हें अलग से पहचाना गया है ताकि कोई इन्हें क़ानूनी शर्त न समझे।
कौन सी दवाएं शेड्यूल H1 रजिस्टर में जाती हैं?
सिर्फ़ वे दवाएं जो शेड्यूल H1 की लिस्ट में हैं। यह लिस्ट 30 अगस्त 2013 की अधिसूचना GSR 588(E) से जोड़ी गई थी, और इसमें कुछ नई एंटीबायोटिक, आदत डालने वाली कुछ दवाएं और टीबी की दवाएं हैं। लिस्ट अधिसूचना से बदलती रहती है, इसलिए पुरानी छपी लिस्ट के बजाय CDSCO की वेबसाइट पर मौजूदा लिस्ट देखिए।
क्या शेड्यूल H1 रजिस्टर कंप्यूटर पर रखा जा सकता है?
नियम एक अलग रजिस्टर मांगता है जिसमें ये बातें हों, जो तीन साल रखा जाए और जांच के लिए खुला हो; वह काग़ज़ का नाम नहीं लेता। आपके राज्य का ड्रग इंस्पेक्टर डिजिटल रजिस्टर मानेगा या नहीं, यह किताब छोड़ने से पहले अपनी लाइसेंसिंग अथॉरिटी से पूछ लीजिए।
Zivyaa कहां काम आता है
Zivyaa का फ़ार्मेसी सॉफ़्टवेयर इस तरह बनाया जा रहा है कि शेड्यूल H1 की बिक्री पर काउंटर पर ही डॉक्टर और मरीज़ का नाम पूछा जाए और रजिस्टर बिक्री के साथ ही बन जाए, बाद में किताब में उतारना न पड़े।
अभी कुछ भी लॉन्च नहीं हुआ है। प्राइसिंग देखिए या वॉकथ्रू बुक कीजिए।
